सोने के बाजार में 19 फरवरी 2026 को जारी अस्थिरता ने निवेशकों के सामने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है। जहां एक तरफ एमसीएक्स पर सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि का नजरिया बेहद सकारात्मक बना हुआ है . यह Gold Market Big Update: खरीदने का सही मौका? आपको बाजार की सही दिशा और निवेश की रणनीति समझने में मदद करेगा।
आज सोने के भाव में क्या हाल है?
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को एमसीएक्स पर सोने के वायदा भाव में 0.14% की मामूली गिरावट दर्ज हुई और यह ₹1,55,544 प्रति 10 ग्राम पर खुला . वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,930 प्रति औंस के निचले स्तर को छूने के बाद $4,988.60 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले 24 घंटों में 0.42% की गिरावट दर्शाता है .
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने 18 फरवरी शाम 6:30 बजे के सत्र के लिए मानक सोने की कीमत ₹1,51,963 प्रति 10 ग्राम निर्धारित की, जो पिछले बंद से 0.51% अधिक है .
विशेषज्ञों की राय: क्या है सही रणनीति?
इस समय बाजार में दो तरह की राय है, लेकिन अधिकांश विशेषज्ञ ‘गिरावट पर खरीदारी’ (Buy on Dips) की रणनीति पर जोर दे रहे हैं.
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डायरेक्टर नवीन माथुर का कहना है कि “बाय ऑन डिप्स” यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति रिटेल निवेशकों के लिए सबसे कारगर है . उनका मानना है कि गोल्ड ETF के जरिए निवेश करना बेहतर विकल्प है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,100-5,200 डॉलर तक जा सकता है .
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, “सोने की संरचना कमजोर बनी हुई है और सीएमई पर $5,000 से ऊपर ब्रेकआउट के बिना तेजी लौटना मुश्किल है। तत्काल सपोर्ट ₹1,48,000 के आसपास और रेजिस्टेंस ₹1,55,000 है” .
ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट के अनुसार, शॉर्ट टर्म में सोने के लिए $4,650–$5,100 (₹1,47,000–₹1,60,000) का दायरा देखा जा रहा है .
वैश्विक संस्थानों का नजरिया
स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के अनुसार, “ऐतिहासिक बुलियन बुल मार्केट साइकिल 2026 तक जारी रहने की संभावना है। हमारा मानना है कि अगले 6-12 महीनों में सोने का $6,000/औंस से ऊपर जाना, $4,000/औंस से नीचे जाने से अधिक संभावित है” .
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि सोने की रैली संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) है, न कि सट्टेबाजी के कारण। सेंट्रल बैंकों का डॉलर से हटकर विविधता लाना इसका मुख्य कारण है .
सोने की कीमत में गिरावट के पीछे के कारण
हाल ही में सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
· अमेरिकी डॉलर की मजबूती: जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने और फेड की बैठक के मिनट्स के बाद डॉलर मजबूत हुआ है .
· मुनाफावसूली: हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी .
· चीनी नव वर्ष की छुट्टियां: चीन, हांगकांग और सिंगापुर सहित कई एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण कारोबार पतला रहा .
निवेशकों के लिए सलाह: क्या करें और क्या न करें?
रणनीति क्या करें क्या न करें
निवेश का तरीका गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से गोल्ड ETF में निवेश करें एकमुश्त बड़ा निवेश करने से बचें
पोर्टफोलियो एलोकेशन 10-15% तक का निवेश सोने में रखें पूरे पोर्टफोलियो का अधिक हिस्सा सोने में न लगाएं
खरीदारी का समय गिरावट (डिप) के दौरान ही खरीदारी करें तेजी के दौरान चेजिंग (पीछा) करने से बचें
निवेश का साधन गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड चुनें फिजिकल गोल्ड में मेकिंग चार्ज और प्योरिटी की चिंता
निष्कर्ष: क्या आज खरीदना सही है?
इस Gold Market Big Update: खरीदने का सही मौका? के बाद यह कहा जा सकता है कि बाजार फिलहाल एक अहम मोड़ पर है। शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि $5,000 का स्तर मजबूत प्रतिरोध बना हुआ है और इसके पार जाने के बिना तेजी लौटना मुश्किल है .
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का सुनहरा अवसर हो सकती है। गोल्डमैन सैक्स और स्टेट स्ट्रीट जैसी वैश्विक संस्थाओं का मानना है कि सोने की कीमतें 2026 में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं . स्टेगर्ड तरीके से गोल्ड ETF में निवेश करना समझदारी होगी। फिजिकल गोल्ड खरीदने वाले लोगों के लिए मौजूदा कीमतें रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे हैं, जो एक अच्छा अवसर हो सकता है।


