UPI Transaction New Update: अब UPI से पेमेंट करने का तरीका बदला

अगर आप रोजाना Google Pay, PhonePe या Paytm से पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। फरवरी 2026 से UPI ट्रांजैक्शन के तरीके में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर हर यूजर पर पड़ेगा । यह UPI Transaction New Update: अब UPI से पेमेंट करने का तरीका बदला उन सभी के लिए अहम है जो डिजिटल पेमेंट पर निर्भर हैं।

कब से लागू हुए नए नियम?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 14 फरवरी 2026 यानी आज से कई नए नियम लागू कर दिए हैं । इन बदलावों का मकसद यूपीआई सिस्टम को और अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाना है । ट्रांजैक्शन स्पीड से लेकर सुरक्षा और यूजर कंट्रोल तक कई बड़े सुधार किए गए हैं ।

अब 10 सेकंड में पूरा होगा UPI ट्रांजैक्शन

नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब UPI ट्रांजैक्शन और उससे जुड़े API रिस्पॉन्स को अधिकतम 10 सेकंड में पूरा करना अनिवार्य होगा । पहले यह समय सीमा 30 सेकंड तक थी, जिससे कई बार पेमेंट अटक जाते थे। API वह डिजिटल पुल है जो आपके UPI ऐप और बैंक के बीच बातचीत कराता है। इस सिस्टम के तेज होने से पीक टाइम में भी पेमेंट ज्यादा स्मूथ रहेंगे ।

बैलेंस चेक पर लगी सीमा

अब यूजर एक ऐप पर दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक कर पाएंगे । अगर आपके पास दो ऐप हैं, तो कुल 100 बार तक बैलेंस देख सकते हैं । इसका उद्देश्य सर्वर पर अनावश्यक लोड कम करना है । अगर कोई उपयोगकर्ता इस सीमा का पूरा उपयोग कर लेता है, तो उस विशेष ऐप पर आगे बैलेंस चेक करना 24 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा ।

बैंक अकाउंट लिस्ट देखने पर भी रोक

लिंक्ड बैंक अकाउंट की डिटेल्स देखने की सुविधा अब प्रति ऐप केवल 25 बार तक ही मिलेगी । बार-बार अकाउंट लिस्ट देखने से बैंकिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था, जिसे रोकने के लिए यह सीमा तय की गई है ।

ऑटोपे ट्रांजैक्शन का नया समय

सब्सक्रिप्शन, ईएमआई और बिल पेमेंट जैसे ऑटोपे ट्रांजैक्शन अब केवल नॉन-पीक घंटों में ही प्रोसेस होंगे । ये समय स्लॉट होंगे: सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच और रात 9:30 बजे के बाद । हर रिक्वेस्ट को अधिकतम चार बार (एक मूल प्रयास और तीन रीट्राई) तक ही प्रोसेस किया जाएगा । इससे सर्वर लोड कम होगा और फेल ट्रांजैक्शन की संभावना घटेगी ।

निष्क्रिय यूपीआई आईडी होगी बंद

यदि कोई यूपीआई आईडी 12 महीने तक इस्तेमाल नहीं हुई है, तो वह अपने आप निष्क्रिय हो जाएगी । यह कदम सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि मोबाइल नंबर अक्सर री-असाइन किये जाते हैं । ऐसा होने पर दोबारा एक्टिव करने के लिए री-वेरिफिकेशन जरूरी होगा, जिससे फ्रॉड का खतरा घटेगा ।

पेंडिंग ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करने की सीमा

अब उपयोगकर्ता किसी पेंडिंग ट्रांजैक्शन की स्थिति अधिकतम 3 बार ही चेक कर सकेंगे, और हर प्रयास के बीच कम से कम 90 सेकंड का अंतर अनिवार्य होगा । इससे सर्वर लोड कम करने में मदद मिलेगी और रिफंड या दोबारा ट्रांजैक्शन जैसी प्रक्रिया तेज होगी ।

क्रेडिट लाइन से भुगतान की नई सुविधा

14 फरवरी से यूजर अपने बैंक या एनबीएफसी द्वारा दी गई प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन से सीधे यूपीआई के जरिये भुगतान या पैसे निकाल सकेंगे । यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जिन्हें ओवरड्राफ्ट की जरूरत पड़ती है ।

बैंक अकाउंट लिंकिंग में सख्ती

नया बैंक अकाउंट जोड़ते समय अब और कड़े वेरिफिकेशन और ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी । इससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी ।

नियमों का पालन न करने पर जुर्माना

NPCI अब API उपयोग की निगरानी करेगा और अगर कोई बैंक या ऐप निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा । इसके साथ ही ऐसे ऐप्स की API एक्सेस पर और नए UPI ग्राहकों को ऑनबोर्ड करने पर भी रोक लगाई जा सकती है ।

लाभार्थी का नाम होगा डिस्प्ले

अब पेमेंट करने से पहले स्क्रीन पर रिसीवर का बैंक नाम दिखाई देगा । इससे यूजर्स को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि वे सही व्यक्ति को पैसे भेज रहे हैं, जिससे फ्रॉड और गलत बैंक अकाउंट में ट्रांजैक्शन की संभावना को कम किया जा सकेगा ।

UPI Transaction Limit: कितना भेज सकते हैं पैसा?

सामान्य UPI ट्रांजैक्शन की दैनिक सीमा ₹1 लाख प्रति दिन है । हालांकि, कुछ खास कैटेगरी जैसे कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस, एजुकेशन, हॉस्पिटल, ट्रैवल और क्रेडिट कार्ड पेमेंट के लिए यह लिमिट बढ़ाकर ₹5 लाख प्रति ट्रांजैक्शन कर दी गई है । 24 घंटे की कुल लिमिट ₹10 लाख तक हो सकती है ।

नए यूजर्स के लिए पहले 24 घंटों में अधिकतम ₹5,000 की लेनदेन सीमा लागू है ।

क्या UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?

बजट 2026 से पहले पेमेंट कंपनियों ने MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फिर से लागू करने की मांग की थी । लेकिन वित्त मंत्रालय ने आम उपयोगकर्ताओं के लिए UPI को फ्री रखने का स्पष्ट संकेत दे दिया है । सरकार ने UPI और रुपे डेबिट कार्ड लेनदेन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है ।

हालांकि, डिजिटल वॉलेट (PPI) से ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 0.5% से 1.1% तक इंटरचेंज फीस लगती है, लेकिन यह फीस मर्चेंट यानी दुकानदार को देनी होती है, ग्राहक को नहीं ।

निष्कर्ष

UPI के ये नए नियम डिजिटल पेमेंट को और अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाने के लिए लाए गए हैं। यह UPI Transaction New Update: अब UPI से पेमेंट करने का तरीका बदला साफ बताता है कि अब ट्रांजैक्शन 10 सेकंड में पूरे होंगे, बैलेंस चेक की सीमा तय होगी, और सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होगी। निष्क्रिय UPI ID बंद होने और ऑटोपे के लिए निश्चित समय जैसे नियमों से फ्रॉड और अनचाही कटौती से बचाव होगा। सभी यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे इन नए नियमों को समझें और उसी के अनुसार अपने डिजिटल लेनदेन करें।

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